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धरती से दूर हो रहा है चंद्रमा, इसका होगा यह असर! वजह जानकर चौंक जाएंगे आप

Updated : Thu, 07 Jun 2018 12:00 AM

वॉशिंगटन: एक अध्ययन में यह बात सामने आयी है कि 1.4 अरब वर्ष पहले धरती पर एक दिन महज 18 घंटे का होता था. पत्रिका प्रोसिडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में प्रकाशित यह अध्यन चंद्रमा से हमारे ग्रह के रिश्ते के गहरे इतिहास को पुन स्थापित करता है. इसमें पाया गया कि 1.4 अरब वर्ष पहले चंद्रमा पृथ्वी के ज्यादा करीब था और उसने पृथ्वी के अपनी धूरी के चारों ओर घूमने के तरीके को बदला.

अमेरिका में विस्कॉन्सिन - मैडिसन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर स्टीफन मेयर्स ने कहा कि जैसे - जैसे चंद्रमा दूर जा रहा है तो धरती एक स्पिनिंग फिगर स्केटर की तरह व्यवहार कर रही है जो अपनी बाहें फैलाने के दौरान अपनी गति कम कर लेता है. ब्रह्मांड में पृथ्वी की गति अन्य ग्रहों से प्रभावित होती है जो उस पर बल डालते हैं जैसे कि अन्य ग्रह और चंद्रमा. वैज्ञानिकों ने लाखों वर्षों की अवधि में पृथ्वी की इस गति का अवलोकन किया और इससे वह पृथ्वी तथा चंद्रमा के बीच की दूरी और दिन के घंटों का पता लगा पाए. 

शोधकर्ताओं का दावा, चांद पर पानी की पर्याप्त मात्रा में होने के संकेत
शोधकर्ताओं का कहना है कि चांद की सतह के नीच अंदरूनी हिस्से में बड़ी मात्रा में पानी हो सकता है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, उपग्रह से मिले आंकड़ों के विश्लेषण से अमेरिका के ब्राउन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने ज्वालामुखी संग्रहों में या प्राचीन ज्वालामुखी के कारण चंद्रमा की सतह पर फैली चट्टानों के अंदरूनी स्तरों में प्राकृतिक रूप से पानी की पर्याप्त मात्रा होने का पता लगाया है.